GuruDev Message


“परम पूज्य गुरुदेव के चरणों में सादर नमन”

        श्री 108 चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री योगीन्द्र सागर जी महाराज (गुरुदेव) जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज एवं मानव कल्याण हेतु समर्पित किया, उन्ही की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से सन 2008 में उन्ही के नाम से इस मालवा प्रान्त का प्रथम इंजीनियरिंग महाविध्यालय की नीव बसंत पंचमी के दिन गुरुदेव द्वारा रखी गई | जो की आज पुरे प्रदेश में SYSITS के नाम से जाना जाता हैं |

गुरुदेव का कथन था कि प्रतिभा जीवन की सबसे बड़ी ताकत हैं | व्यक्ति निर्माण और करियर का मुख्य आधार प्रतिभा ही है |    “ राजा की पूजा सीमा तक , अमीर की पूजा धन रहने तक होती है, परन्तु प्रतिभा-संपन्न इंसान तो देश में ही नहीं विदेश में भी हर समय हर जगह पूजा जाता हैं ” |

परमात्मा कि कृपा से जो आध्यात्म पथ का आलम्ब लिया , तो प.पू.आचार्य श्री योगीन्द्र सागर जी का सान्निध्य , स्नेह व आशीर्वाद महाविध्यालय के छात्र-छात्राओ एवं समस्त कॉलेज परिवार पर अन्हर्निश प्राप्त है |

अतः हम कामना करते है कि भविष्य में भी गुरुदेव का आशीर्वाद हमेशा बना रहें|

समस्त कॉलेज परिवार


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