AntiRagging

किन कृत्य को रैगिंग माना जाता हैं-

1.किसी छात्र अथवा छात्रों द्वारा नए आने वाले छात्र का मोखिक शब्दों अथवा लिखित वाणी द्वारा उत्पीडन अथवा दुर्व्यवहार करना |

2.छात्र अथवा छात्रों द्वारा उत्पात करना उठवा अनुशासनहीनता का वातावरण बनाना जिससे नए छात्र को कष्ट, आक्रोश, कठिनाई, शारीरिक अथवा मानसिक पीड़ा हो |

3.किसी छात्र से ऐसे कार्य को करने के लिए कहना जो वह सामान्य स्थिति में न करे तथा जिससे नए छात्र में लज्जा, पीड़ा, अथवा भय की भावना उत्त्पन्न हो |

4.नए छात्र का किसी भी प्रकार से आर्थिक शोषण करना |

5.कोई कार्य जिससे नए छात्र के मन मस्तिष्क अथवा आत्मविश्वास पर दुष्प्रभाव पड़े | नए अथवा किसी छात्र को कुमार्ग पर ले जाना तथा उस पर किसी प्रकार की प्रभुता दिखाना |

 

रैगिंग विरोधी समिति निर्धारित किये गए अपराध के स्वरुप और गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित में से कोई एक अथवा अनेक दण्ड दे सकती हैं-

1.कक्षा में उपस्थित होने तथा शैक्षिक अधिकारियो से निलम्बन |

2.छात्रवृत्ति/छात्र अधियेताव्रत्ति तथा अन्य लाभों को रोकना/वंचित करना |

3.किसी टेस्ट/परीक्षा अथवा अन्य मूल्यांकन प्रकिया में उपस्थित होने से वंचित करना |

4.परीक्षाफल रोकना |

5.संस्था से निष्कासित करना |

 

रैगिंग संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत हेतु कॉलेज परिसर में निम्न व्यक्ति को सुचित करे –

1.डॉ.ओम प्रकाश गुप्ता

2.डॉ. तब्बस्सुम पटेल

3.प्रो. सूर्यकांत शर्मा

4.प्रो.गोविन्द झाँवर

5.प्रो.इमरान हुसैन

6.प्रो.प्राची चिन्चोलिकर

7.प्रो.नेहा गुप्ता

8.प्रो.अर्जुन सिंह सोलंकी

9. प्रो.सुयश जोशी

10.प्रो. बलविंदर सिंह गुरुदत्ता